Author: Udyansh Pandey

यदि त्याग, साधना और धैर्य को मिट्टी की कोख से जन्मी कोई स्त्री-सत्ता मिल जाए, तो वह निःसंदेह लहरी बाई होंगी। वह स्त्री, जिसने सूक्ष्म अन्न कणों में संपूर्ण जीवन की साधना देखी, जिसने अपने श्रम और प्रेम से उन बीजों को सहेजा, जिन्हें सभ्यता ने विस्मृत कर दिया था। वह केवल एक कृषिका नहीं, अपितु वह धरती की धैर्यशील माता हैं, जिनकी हथेलियों में अंकुरित होते अनाज के कण, समय के चक्र को पुनः जीवन देते हैं। मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल में जन्मी यह अद्वितीय महिला किसी महल की रानी नहीं, परंतु बीजों की संरक्षिका और अनाज की…

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